रंग -ए -दुआ
दौलत -ए -इल्म से हो राह रौशन आपकी ,
तरन्नुम -ए -जिंदगी में हो शोहरत आपकी ,
मिल जाये आपको फिरदौस -ए -जहाँ ,
हर तरफ आपके मौसम -ए -बहारा हो।
बस गुजारिश है कायनात से मेरी
आपकी रुवाहिशो को मक़ाम -ए -सुकूँ मिले।
उस मालिक को रहमत बरसे और आपके हौसलों को परवाज़ मिले।
रब की मेहर हो आप पर
पा जायें दो जहाँ की खुशियाँ।
जिंदगी में नूर -महल हो शामिल
मिल जाये आपको ख्वाबो की मल्लिका।
यही है मेरी हर्फ़ -ए -दुआ।
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